फाइलेरिया मरीजों का सहारा बन रहा एमएमडीपी
पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंजरिया में प्रशिक्षण, 14 मरीजों को किट वितरण
देवरिया | 7 अप्रैल 2026
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पथरदेवा ब्लॉक स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंजरिया में मंगलवार को फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी (रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण) का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान 14 फाइलेरिया मरीजों को विशेष किट वितरित की गई, जिससे वे घर पर ही अपने प्रभावित अंगों और घावों की बेहतर देखभाल कर सकें। प्रशिक्षण में साफ-सफाई, नियमित देखभाल और व्यायाम के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अजय ने बताया कि फाइलेरिया प्रभावित अंगों की नियमित सफाई और व्यायाम से सूजन में कमी आती है और अटैक भी कम होते हैं। उन्होंने कहा कि यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के माध्यम से फैलती है, जिसमें संक्रमण के लक्षण 5 से 15 वर्षों बाद सामने आते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि साल में एक बार लगातार पांच वर्षों तक दवा सेवन करने से इस बीमारी से बचाव संभव है। फाइलेरिया के लक्षणों में हाथ-पैर में सूजन, अंडकोष में सूजन तथा महिलाओं में स्तन के आकार में परिवर्तन शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान पीएसपी सदस्य एएनएम द्वारा प्रभावित अंग की साफ-सफाई, सूजन कम करने के उपाय और संक्रमण से बचाव के तरीके डेमो के माध्यम से बताए गए। किट में मौजूद साबुन, तौलिया और एंटीसेप्टिक के उपयोग की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर एएनएम सत्या, बीएचडब्ल्यू राकेश, सीफार संस्था के जिला प्रतिनिधि, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, फाइलेरिया मरीज और ग्रामीण उपस्थित रहे।



