Sunday, May 24, 2026
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भीषण गर्मी पर डीएम का अलर्ट : लू, आकाशीय बिजली और नदी में नहाने से बचें, प्रशासन पूरी तरह सतर्क

भीषण गर्मी पर डीएम का अलर्ट : लू, आकाशीय बिजली और नदी में नहाने से बचें, प्रशासन पूरी तरह सतर्क

पांच दिनों तक रेड अलर्ट जारी, दोपहर 12 से 3 बजे तक घरों में रहने की अपील

देवरिया, 24 मई।
जनपद में लगातार बढ़ते तापमान और आगामी पांच दिनों तक जारी रेड अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी, लू, आकाशीय बिजली और नदियों में डूबने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सभी लोग सावधानी बरतें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे डिहाइड्रेशन, लू लगने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ गया है। उन्होंने लोगों से दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की। साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या कपड़े से ढकने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि लू लगने पर तेज सिरदर्द, शरीर का तापमान अचानक बढ़ना, त्वचा का लाल और शुष्क हो जाना, उल्टी आना तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर शरीर पर पानी का छिड़काव करें, हवा करें और होश में होने पर ठंडा पानी पिलाएं। गंभीर स्थिति में तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा की मदद लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने मजदूरों और श्रमिकों से भी अपील की कि तेज धूप में लगातार काम करने से बचें और बीच-बीच में विश्राम अवश्य करें। उन्होंने अभिभावकों को चेतावनी दी कि बच्चों और पालतू जानवरों को धूप में खड़े वाहनों में न छोड़ें, क्योंकि इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
आकाशीय बिजली से होने वाली घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों से पंचायत भवनों, विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत निधि से इसकी व्यवस्था कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने सभी तहसील और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक आपदा, आकाशीय बिजली या अन्य घटनाओं में जनहानि, पशुहानि अथवा मकान क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया जाए और पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी ने जनपद की राप्ती नदी, घाघरा नदी और सरयू नदी में बढ़ रही डूबने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए लोगों से गहरे पानी में न जाने की अपील की। साथ ही ग्राम प्रधानों और संबंधित अधिकारियों को नदी किनारों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
तेज आंधी और तूफान को देखते हुए जिलाधिकारी ने कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। प्रशासन को ऐसे परिवारों की सूची तैयार कर शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति में आमजन की सहायता के लिए हर समय तैयार रहेगा। साथ ही सभी नागरिकों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी सावधानियों का पालन करें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि भीषण गर्मी और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि को रोका जा सके।

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