सनातन चेतना और विश्व शांति के संकल्प के साथ निकली भव्य कलश यात्रा
सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रहित और विश्व शांति की भावना को केंद्र में रखते हुए मातेश्वरी परिवार द्वारा आयोजित विशाल कलश यात्रा आज आस्था, अनुशासन और भारी जनसमूह की सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह यात्रा एक धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सनातन मूल्यों का जीवंत संदेश लेकर नगर की सड़कों पर निकली।
सुबह वैदिक मंत्रों की गूंज, शंखनाद और हर-हर महादेव व जय माता दी के जयघोष के बीच कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। सिर पर पावन कलश धारण किए मातृशक्ति की सुसंगठित पंक्तियाँ श्रद्धा और संस्कार की अद्भुत झलक प्रस्तुत कर रही थीं। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और आरती कर यात्रा का स्वागत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिरस से ओत-प्रोत हो गया।
कलश यात्रा में संत-महात्माओं, मातेश्वरी परिवार के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। आयोजकों के अनुसार यह यात्रा शीघ्र होने वाले महायज्ञ एवं अन्य धार्मिक आयोजनों की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि तैयार करती है, जिसका लक्ष्य समाज में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।
इस अवसर पर मातेश्वरी परिवार के संस्थापक पूज्य श्री सदगुरु जी महाराज ने कहा कि “कलश जीवन की पवित्रता, साधना और संकल्प का प्रतीक है। इस कलश यात्रा के माध्यम से सनातन संस्कृति को जनमानस से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।”
आयोजन के समापन पर मातेश्वरी परिवार ने प्रशासन, सहयोगी संस्थाओं और श्रद्धालु नागरिकों का आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन समाज में आध्यात्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करेगा।



