देवरिया से रिपोर्ट | प्रेस इंडिया न्यूज़
लार छपरा मोड़ से रोपन छपरा गांव होते हुए परासी चलाल तक जाने वाला मुख्य मार्ग विकास नहीं, बल्कि बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। करीब ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन सड़क निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है।
इस मार्ग पर करीब आठ पुलिया बननी थीं, मगर कई पुलियों का फाउंडेशन तक अधूरा है। जगह-जगह गिट्टियां उखड़ी, सड़क पर गड्ढे और धूल के बादल हैं। इस रास्ते से गुजरना लोगों के लिए अब दैनिक परेशानी और खतरे का कारण बन चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क भ्रष्टाचार और लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है।
“ना विभागीय अधिकारी ध्यान दे रहे हैं, ना जनप्रतिनिधि आवाज उठा रहे हैं,”
ग्रामीणों का आरोप है।
कुछ लोगों ने सवाल उठाया —
“क्या इस क्षेत्र में कोई भाजपा नेता नहीं है, या फिर सरकार को यहां के लोगों के वोट की अब जरूरत नहीं?”
ग्रामीणों की हालत इतनी खराब है कि लगभग 5 किलोमीटर दूर तक स्कूली छात्र-छात्राएं भी नुकीले पत्थरों और टूटी सड़कों पर साइकिल चलाने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं, पैरों में चोटें तक लग जाती हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।



