अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हुई, 260 से ज्यादा लोगों की जान गई; इंजन फ्यूल स्विच ‘कटऑफ’ स्थिति में क्यों गए, यह अब भी रहस्य बना हुआ है।
नई दिल्ली:
12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। विमान हादसा जांच ब्यूरो (AAIB) की इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं, लेकिन कुछ अहम सवाल अब भी जवाब मांग रहे हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही विमान के दोनों इंजन फ्यूल स्विच अचानक कटऑफ पोजीशन में चले गए, जिससे इंजन में फ्यूल सप्लाई बंद हो गई और विमान ने तेजी से ऊंचाई खो दी।
15 पन्नों की इस रिपोर्ट में बताया गया कि उड़ान के दौरान कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दो पायलटों के बीच एक अहम बातचीत रिकॉर्ड हुई, जिसमें एक पायलट ने पूछा—”क्या तुमने फ्यूल बंद किया?”, जवाब मिला—”नहीं, मैंने नहीं किया।” इस संवाद से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पायलट भी इस स्थिति से पूरी तरह अनजान थे।
कैसे हुआ हादसा?
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद ही नियंत्रण खो बैठा और कुछ ही मिनटों में अहमदाबाद स्थित एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से जा टकराया। विमान में मौजूद 242 यात्रियों में से केवल एक व्यक्ति जीवित बचा। इस भीषण हादसे में विमान के अलावा 19 अन्य लोग भी मारे गए। यह भारत में पिछले एक दशक का सबसे घातक विमान हादसा बन गया।
इंजन फेलियर की वजह?
रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच कटऑफ हो गए। लगभग 10 सेकंड बाद इंजन 1 का स्विच ‘रन’ पोजीशन में लौट आया और उसके 4 सेकंड बाद इंजन 2 भी वापस सक्रिय हुआ। पायलटों ने इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश की, जिसमें इंजन 1 तो चालू हो गया लेकिन इंजन 2 पर्याप्त थ्रस्ट देने में असफल रहा।
फ्लाइट के सह-पायलट उस समय विमान उड़ा रहे थे और कप्तान निगरानी कर रहे थे। इमरजेंसी कॉल ‘मे डे, मे डे’ भेजी गई, लेकिन तब तक विमान हादसे का शिकार हो चुका था।
फिलहाल कोई अनुशंसा नहीं
AAIB ने रिपोर्ट में कहा है कि फिलहाल एयर इंडिया या संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई सिफारिश नहीं की गई है। हालांकि, यह भी माना गया कि बैकअप एनर्जी सिस्टम ‘रैम एयर टर्बाइन’ के सक्रिय होने का मतलब है कि इंजन में पर्याप्त ऊर्जा नहीं थी।
अब भी अनसुलझे हैं ये 5 सवाल:
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फ्यूल कंट्रोल स्विच अचानक कटऑफ पोजीशन में कैसे चले गए?
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क्या ये तकनीकी खराबी थी या मानवीय त्रुटि?
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क्या विमान में किसी तरह की इमरजेंसी थी जिससे स्विच ऑटोमैटिकली कटऑफ हो गए?
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कॉकपिट में क्या कोई और अलर्ट या सिग्नल आया था?
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भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार होंगे?
यह रिपोर्ट जहां कुछ अहम तथ्यों को उजागर करती है, वहीं इन अनसुलझे सवालों का जवाब ही इस रहस्य से पर्दा हटा सकता है।



