200 स्कूलों के शिक्षकों को पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह कानून की विशेष ट्रेनिंग
देवरिया, 28 सितंबर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिले में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों एवं इसके विधिक परिणामों को लेकर विशेष जागरूकता महाअभियान शुरू किया गया है। 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत शिक्षकों और संबंधित लोगों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी दी जा रही है।
इसी क्रम में सोमवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, देवरिया के सभागार में जिले के करीब 200 विद्यालयों के नोडल शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के लिए वृहद प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में पॉक्सो एक्ट-2012 की विभिन्न धाराओं, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 तथा पीड़ित बालक-बालिकाओं की पहचान और उनकी गोपनीयता बनाए रखने से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम जिला न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना द्विवेदी ने कहा कि दूर-दराज के सभी विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों का व्यक्तिगत रूप से पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में विद्यालयों में नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे बच्चों और अन्य शिक्षकों तक कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचा सकें। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वहीं, DGC क्रिमिनल पॉक्सो हरिदत्त मिश्रा एवं सच्चिदानंद राय ने पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रावधानों और उल्लंघन की स्थिति में होने वाले विधिक परिणामों के संबंध में जानकारी दी। कार्यशाला में बाल संरक्षण से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी बताया गया।
अधिकारियों ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून के प्रावधानों को समझें और किसी भी संदिग्ध अथवा गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने पर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।



