*शिक्षक एवं स्नातक क्षेत्र के मतदाता उसे ही मतदान करें जो राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के हित में कार्य करें- डॉ0 पंकज सिंह, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ*
आज़मगढ़। प्रदेश में आगामी 23 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के 6 शिक्षक एवं 5 स्नातक विधान परिषद सदस्यों का चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं स्नातक मतदाता मतदान करेंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष डॉ० दीनानाथ सिंह, पूर्व संयुक्त महामंत्री डॉ० जगदीश सिंह दीक्षित एवं प्रदेश प्रभारी प्रो0 राघवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व व निर्देशन में,
महाराजा सुहेलदेव विश्विद्यालय आज़मगढ़ इकाई के अध्यक्ष डॉ0 पंकज सिंह ने विश्विद्यालय इकाई के अन्य पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक करते हुए एक संयुक्त बयान जारी कर मतदाता शिक्षकों एवं स्नातक मतदाताओं से अपील करते हुए कहा है कि, जो प्रत्याशी प्राथमिक से लेकर विश्वविद्यालय तक की बिगड़ती हुई बेपटरी शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षकों की जायज़ समस्याओं के सुधार एवं समाधान की बात खुलकर विधान परिषद में रख सके और संघर्ष कर सके, उसी योग्य प्रत्याशी को अपना बहुमूल्य मत देने की आवश्यकता है, क्योंकि लंबे समय से प्राथमिक शिक्षकों के पदोन्नति, स्थानांतरण की समस्या का हल नहीं हो रहा है,टेट परीक्षा से नौकरीशुदा शिक्षकों को उन्मुक्ति नहीं मिल पा रही है,
शिक्षा मित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल नहीं किया जा रहा है,आए दिन बेसिक शिक्षा के अधिकारियों द्वारा इन्हें प्रताड़ित किया जाता है, कभी छात्र संख्या को लेकर तो कभी मध्यान्ह भोजन को लेकर, माध्यमिक में लंबे समय से मांग चल रही है कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य को प्रधानाचार्य का वेतन दिया जाए, लेकर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। शिक्षकों के सेवानिवृत्ति आयु यूजीसी के नियमानुसार 65 वर्षों तक हो, ग्रेच्युटी मिले, स्ववित्तपोषित शिक्षकों को सम्मानजनक ढंग से विनियमित करके कोषागार से वेतन दिया जाए। शिक्षकों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए। सभी विश्वविद्यालयों में अतिथि प्रवक्ताओं को यू जी सी रेग्युलेशन के अनुसार प्रतिमाह पचास हजार रूपए वेतन दिया जाय। स्नातकों को जो बेरोजगार हैं उन्हें दस हजार रूपए प्रतिमाह भत्ता दिया जाए। शिक्षा नीति-2020 जब से लागू हुई है उसकी प्रक्रियात्मक कठिनाइयों के कारण महाविद्यालयों में उत्तरोत्तर छात्र संख्या में गिरावट आ रही है।पुरानी पेंशन,शिक्षक शिक्षार्थी सम्मान के विविध प्रश्नों से शिक्षा जूझ रही है, इसमें सुधार के लिए जो प्रत्याशी आवाज उठाए उसके पक्ष में मतदान करने की जरूरत है।
यह भी मतदान करते समय ध्यान रखें कि राष्ट्र हमारे लिए सर्वोपरि हो।
बैठक में, डॉ0 सुधीर कुमार सिंह, प्रो0 वन्दना पाण्डेय,प्रो0 अजीत प्रसाद राय,डॉ0 रामजी वर्मा,डॉ0 शैलेश सिंह,डॉ0 पंकज कुमार मौर्य,डॉ0 घनश्याम दुबे,डॉ0 उमेश चंद पाण्डेय आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा शिक्षक और शिक्षार्थी हित के लिए मुखर प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील दुहराते हुए यह संकल्प प्रकट किया की दलीय निष्ठा से ऊपर उठकर शिक्षा और शिक्षक हित में निष्ठावान और संघर्षवान समर्थ प्रत्याशी की पहचान और उसके पक्ष में मतदान का निवेदन किया जो लोकतंत्र का का वास्तविक चित्रण होगा।



