पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता को निकाली गई प्रभात फेरी
बाल अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं ने लोगों को किया जागरूक
देवरिया, 2 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन में गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत जनपद न्यायालय के केंद्रीय सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने उपस्थित अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मियों को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और न्याय के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ न्याय पहुंचाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (एसडी) श्रीमती अर्चना के नेतृत्व में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज से जागरूकता प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी कोतवाली रोड, मोतीलाल रोड, स्टेशन रोड, तहसील रोड, मालवीय रोड और सुभाष चौक होते हुए जिलाधिकारी आवास मार्ग से पुनः पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचकर संपन्न हुई।
प्रभात फेरी में छात्र-छात्राओं और पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) ने लोगों को कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण से संबंधित जागरूकता संदेश भी दिए गए।
विद्यालय परिसर में पहुंचने के बाद प्रभात फेरी सभा में परिवर्तित हो गई। यहां छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज की छात्राओं ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर आधारित नाटक प्रस्तुत कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया।
वहीं, ए.डी. मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत बच्चों के संरक्षण एवं सुरक्षा पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की सराहना करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अर्चना ने बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति सरल भाषा में जागरूक किया।
कार्यक्रम में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी, विद्यालयों के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अधिवक्तागण, न्यायालय कर्मचारी तथा पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।



