स्कूलों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कम भ्रमण करने वाले एआरपी का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश
देवरिया। बेसिक शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में टास्क फोर्स की बैठक की। बैठक में विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, ड्रेस कोड, मध्यान्ह भोजन और निरीक्षण व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने कम विद्यालय भ्रमण करने वाले एआरपी को लेकर नाराजगी जताई और ऐसे एआरपी का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को एसआरजी, एआरपी और डायट मेंटर्स के साथ बेहतर समन्वय बनाकर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने को कहा।

बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की निगरानी को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को महीने में चार दिन और डीसी को दो बार कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के बाद इसकी आख्या गूगल शीट पर दर्ज करनी होगी।
प्रशिक्षण पर गए डायट मेंटर परशुराम शर्मा के संबंध में डीएम ने बीएसए को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वे पांच मिनट का प्रस्तुतिकरण देकर प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी और सीख साझा करेंगे।
डीएम ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। बच्चे निर्धारित ड्रेस में विद्यालय आएं और पठन-पाठन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में छुट्टी के बाद छात्राओं की समय से वापसी सुनिश्चित कराने के लिए गांवों में प्रशासकों और पंचायत सहायकों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के ड्रेस कोड और नियमित विद्यालय भेजने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चन्द्र नाथ, बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जनम मौर्य सहित खंड शिक्षा अधिकारी, डीसी, डायट मेंटर और अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।



