*तूल पकड़ता जा रहा है वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ध्वस्तीकरण और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्तियों के अपमान का ममला*
आजमगढ़। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ध्वस्तीकरण और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्तियों के अपमान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आज आज़मगढ़ में कांग्रेस पार्टी ने इस घटना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
जिलाधिकारी कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कौशल कुमार सिंह उर्फ मुन्ना राय के नेतृत्व में नारेबाजी किया और ज्ञापन देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज़मगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी ने सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह उर्फ ‘मुन्ना राय’ के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस का आरोप है कि वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट का ध्वस्तीकरण न केवल काशी की परंपराओं का अपमान है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत पर भी बड़ा हमला है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस घाट को 1791 में माता अहिल्याबाई होलकर ने बनवाया था, उसे प्रशासन ने बिना किसी विचार-विमर्श के खंडित कर दिया।
कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष कौशल कुमार सिंह उर्फ मुन्ना राय ने कहा कि माता अहिल्याबाई की मूर्तियों का मलबे में दबना शर्मनाक है। यह सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। हम मांग करते हैं कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और मूर्तियों को ससम्मान उनके नियत स्थान पर वापस स्थापित किया जाए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान रियाजुल हसन, राहुल राय आदि कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों को नहीं माना गया, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होगी। इस दौरान भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।



