Thursday, April 30, 2026
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*भव्य शोभायात्रा के साथ मनाई गई वीर एकलव्य जयंती, उमड़ा जनसैलाब*

*भव्य शोभायात्रा के साथ मनाई गई वीर एकलव्य जयंती, उमड़ा जनसैलाब*आजमगढ़। नगर पंचायत अतरौलिया में निषाद समाज के गौरव, आराध्य देव और महान योद्धा वीर एकलव्य की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह और शोभायात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रसाद निषाद एवं विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र कुमार निषाद (प्रदेश सचिव, निषाद पार्टी) रहे, जबकि कार्यक्रम का कुशल संयोजन पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी धर्मेंद्र निषाद उर्फ डॉ राजू द्वारा किया गया।
जयंती समारोह का शुभारंभ एकलव्य नगर में महाराजा युगराज निषाद एवं वीरांगना फूलन देवी के चित्रों पर माल्यार्पण व विधिवत पूजन के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों ने वीर एकलव्य के त्याग, समर्पण, अनुशासन और गुरुभक्ति पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा एकलव्य नगर से प्रारंभ होकर बुधनीया रोड, नेताजी जगदीश जायसवाल त्रिमुहानी, बरन चौक, बब्बर चौक, दुर्गा चौक, हनुमानगढ़ी होते हुए केसरी सिंह चौक से गुजरते हुए पुनः एकलव्य नगर पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा के दौरान पूरे नगर में उत्सव का माहौल बना रहा। शोभायात्रा में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। मार्ग भर ‘निषाद राज जिंदाबाद’ और ‘वीर एकलव्य अमर रहें’ के नारों से वातावरण गूंजता रहा, जिससे पूरा नगर भक्तिमय और जोश से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव वीरेंद्र कुमार निषाद ने कहा कि “वीर एकलव्य शोषित, वंचित और मेहनतकश समाज के आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी ज्ञान, साधना और संकल्प के बल पर इतिहास रचा। आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष से सीख लेने की आवश्यकता है।”
मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रसाद निषाद ने कहा कि “वीर एकलव्य का जीवन हमें सिखाता है कि समर्पण और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। निषाद समाज ने हमेशा देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”वहीं श्यामजीत निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि “वीर एकलव्य केवल निषाद समाज के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उनकी जयंती सामाजिक एकता और चेतना को मजबूत करने का अवसर है।”
अंत में संयोजक धर्मेंद्र निषाद उर्फ डॉ राजू ने समस्त अतिथियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “वीर एकलव्य निष्ठा, भक्ति और आत्मबल के प्रतीक हैं। उनका जीवन आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।” भव्य आयोजन में सैकड़ों की संख्या में पुरुष, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे और पूरी एकजुटता के साथ वीर एकलव्य जयंती को ऐतिहासिक बनाने में योगदान दिया। इस मौके पर सुरेंद्र निषाद, सोनू निषाद ,राजेंद्र निषाद, महेंद्र यादव, बुधराज, वीरेंद्र, रामचंद्र, प्रेम बाबू ,श्यामजीत, मयंक, राम आसरे, राम रतन समेत लोग मौजूद रहे।

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