देवरिया मेडिकल कॉलेज में ठंड से परेशान तीमारदार, रैन बसेरा के बाहर दो दिन से अलाव गायब
देवरिया।
एक तरफ सरकार ठंड से बचाव के लिए अलाव और रैन बसेरा की बड़ी-बड़ी योजनाओं का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवरिया के प्रांगण में हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। मेडिकल कॉलेज परिसर में बने रैन बसेरा के पास बीते दो दिनों से अलाव नहीं जल रहा है, जिससे मरीजों के तीमारदार कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर हैं।
मेडिकल कॉलेज परिसर में इमरजेंसी, महिला अस्पताल और रैन बसेरा—कुल तीन स्थानों पर अलाव की व्यवस्था दर्शाई गई है। शनिवार को इमरजेंसी और महिला अस्पताल के पास अलाव जलता मिला, लेकिन रैन बसेरा के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। अलाव की लकड़ियां सुबह लाई जाती हैं और बिना जलाए ही वापस ले जाई जाती हैं। रैन बसेरा के पास पड़ी राख साफ बता रही है कि व्यवस्था थी, लेकिन अब लापता है।
शनिवार शाम चार बजे के आसपास, तेज हवाओं और बढ़ती ठंड के बीच रैन बसेरा के बाहर बैठे तीमारदार ठंड से कांपते नजर आए। यह स्थान मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के पूरब और कैंटीन के समीप स्थित है, जहां हर वक्त मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रहती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिम्मेदार विभाग पूरी तरह मौन बना हुआ है। जब इस संबंध में संबंधित विभाग के जेई से फोन पर बात की गई तो उन्होंने दावा किया कि परिसर के सभी प्वाइंटों पर रोज अलाव जलाया जा रहा है और इसके फोटो भी मौजूद हैं। हालांकि मौके की तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
वहीं नगर पालिका परिषद देवरिया के अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्काल लकड़ी भेजकर अलाव जलवाने का आश्वासन दिया है। सवाल यह है कि जब अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर दो दिनों तक अलाव नहीं जला, तो जिम्मेदारों की निगरानी आखिर कहां थी? अब देखना यह होगा कि आश्वासन ज़मीन पर कब उतरता है।



