बड़हलगंज/गोरखपुर – नगर बड़हलगंज में सच में बहुत ही आकर्षक और उमंग भरा दृश्य होता है जब काली पूजन के बाद नगर में मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। दिवाली के बाद काली पूजा का आयोजन खास तौर पर पश्चिम बंगाल और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बड़े धूमधाम से किया जाता है। काली पूजा के दौरान देवी काली की महिमा का गान किया जाता है, और फिर रात में मूर्ति का विसर्जन होता है, जिसमें लोग पूरे नगर में उत्साह से भरकर शामिल होते हैं।
विसर्जन का वक्त काफी भावुक और रोमांचक होता है। लोग काली माता की भव्य मूर्ति के साथ नाचते-गाते हुए, ढोल-नगाड़े के साथ सरयू नदी घाट पर पहुंचते हैं। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी बहुत महत्व रखता है।
मूर्ति विसर्जन के दौरान होने वाले जलूस में लोग एकजुट होकर आपस में मेलजोल बढ़ाते हैं और एकता का संदेश भी देते हैं। रात का समय होने के कारण, इस दृश्य में जो रौशनी, ध्वनि और माहौल होता है, वो बेहद खास होता है।



