Thursday, April 23, 2026
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*जाने आखिर क्यों ग्रामीणों ने पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का रोका काफिला*

*जाने आखिर क्यों ग्रामीणों ने पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का रोका काफिला*आजमगढ़। अतरौलिया क्षेत्र के लोहरा गांव में जल निकासी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों का सब्र आखिर टूट गया। गांव में हो रही जलजमाव और सफाई व्यवस्था की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का काफिला रोक लिया और गांव की समस्याओं को सामने रखा। गांववासियों ने बताया कि लोहरा, विकासखंड का सबसे अधिक आबादी वाला गांव है, लेकिन यहां जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नालियां जाम हैं, सड़कें लबालब पानी से भरी हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है। मोहर्रम जैसे प्रमुख पर्व को देखते हुए मुस्लिम समाज के लोगों में भी चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने मंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वे समस्या को लेकर कई बार विधायक, प्रमुख और ग्राम प्रधान से मिल चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। जब एक ग्रामीण ने मंत्री से कहा कि “गांव की समस्याएं लंबी हैं”, तो इस पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने जवाब दिया, “समस्या के लिए ही रोके हैं तो समाधान भी चाहिए।”उन्होंने कहा कि “5 करोड़ रुपये किसके लिए आ रहा है? कभी आपने अपने वोट से बने जनप्रतिनिधियों से सवाल किया है?” मंत्री ने ग्रामीणों से यह भी कहा कि वे डाक बंगले पर आकर लिखित में अपनी समस्याएं दें, ताकि उस पर कार्रवाई हो सके। इस दौरान गांव के विनोद कुमार, जहीरुल निशा, गौहर अली, सर्वेश, राज सिंह व उत्सव सिंह ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि नाली निर्माण में भारी लापरवाही की गई है। जगह-जगह नालियां बंद हैं जिससे गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बारिश के पानी के साथ मिलकर यह स्थिति और भयावह हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि लोग आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कभी सफाईकर्मी नहीं आता, जिससे गंदगी का अंबार लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान खुद रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन उन्हें ग्रामीणों की परेशानियां नजर नहीं आतीं। ग्रामीणों को मंत्री से काफी उम्मीदें हैं। अब देखना यह होगा कि मंत्री के आश्वासन के बाद प्रशासन और ग्राम पंचायत मिलकर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब तक करती है। शिकायत करने वालों में शाहरुफ , अखिलेश विश्वकर्मा, रोहित, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, राहुल सिंह,रामचंद्र गौड़,पिंटू कनौजिया, राधेश्याम गौड़,संजय कन्नौजिया, शाकिर,रोहित गौड़,यारमोहम्मद,सब्बीर,राम
बली, अबरार, राजेंद्र गौड़ मौजूद रहे।

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