गांव-गांव हुई ग्राम बाल कल्याण समिति और पीटीएम की बैठक, बाल सुरक्षा व शिक्षा को लेकर अभिभावक हुए जागरूक
देवरिया, 14 अगस्त। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की पहल पर जनपद के सभी प्राथमिक विद्यालयों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा शिक्षक-अभिभावक बैठक (PTM) आयोजित की गई। बैठकों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
बैठकों के दौरान अभिभावकों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों की रोकथाम के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों का स्थान कार्यस्थल पर नहीं, बल्कि विद्यालय में है। दुकान, होटल-ढाबा, वर्कशॉप, निर्माण स्थल अथवा अन्य स्थानों पर बच्चों से श्रम कराए जाने की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई।
शिक्षक-अभिभावक बैठक में बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया गया। अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति पर ध्यान देने की अपील की गई।
अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई बच्चा लगातार विद्यालय से अनुपस्थित रहता है, किसी परेशानी का सामना कर रहा है अथवा उसके साथ मारपीट, दुर्व्यवहार या किसी प्रकार का शोषण हो रहा है, तो मामले को नजरअंदाज न किया जाए और तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को सूचना दी जाए।
बैठकों में शिक्षा, प्रोबेशन, श्रम, आईसीडीएस, स्वास्थ्य एवं ग्राम प्रशासन के बीच समन्वय के माध्यम से बच्चों से जुड़े मामलों के प्रभावी समाधान पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने अभिभावकों और ग्रामीणों से अपील की कि सामूहिक प्रयासों से हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ना, सुरक्षित रखना और बाल श्रम एवं बाल विवाह से मुक्त रखना सुनिश्चित किया जाए। देवरिया को बाल-अनुकूल एवं बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



