*अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का पर्दाफाश, 110 करोड़ की ठगी उजागर, साइबर क्राइम थाना की कार्रवाई में 15 आरोपी गिरफ्तार*
आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ की साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी “PM KISAN YOJANA (.APK)” ऐप, ई-चलान लिंक और इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिये देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान गैंग के 15 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। टीम ने इनके पास से 23 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 14 एटीएम कार्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दो कारें बरामद की हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा एएसपी ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम की टीम द्वारा की गई।
जांच में कैसे हुआ खुलासा
मुकदमा संख्या 37/2025 की जांच के दौरान 30 नवंबर को परवेज अंसारी और मोहम्मद कलीम की गिरफ्तारी हुई। दोनों से मिली जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को मुख्य आरोपी समद उर्फ इमरान के बारे में अहम सुराग मिले। बताया गया कि समद अपने साथियों के साथ लखनऊ में बड़ी साइबर वारदात की योजना बना रहा है। इस पर थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह की टीम लखनऊ पहुंची। हुसड़िया चौराहे के पास दबिश देकर पुलिस ने समद उर्फ इमरान और अर्जुन सिंह को 7 दिसंबर को गिरफ्तार किया। इसके बाद GMC होटल और Precious BNB होटल में छापेमारी कर कुल 13 अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। मौके से ग्रैंड विटारा और I-20 कार भी बरामद हुई।
फ्रॉड करने का तरीका
• गिरोह Instagram ID “Accountwala 9334” के नाम से लोगों को उनके बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड कमीशन पर देने का लालच देता था।
• खाताधारकों के दस्तावेज लेकर उनके खातों का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।
• गैंग के तकनीकी सदस्य PM किसान, ई-चलान आदि के नाम पर APK फाइल बनाते थे और व्हाट्सऐप के जरिये भेजकर पीड़ितों के मोबाइल हैक कर लेते थे।
• हैकिंग के बाद बैंक खातों से धन निकालकर फर्जी खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
• बरामद मोबाइलों में 121 बैंक खातों की जानकारी मिली है तथा 186 शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज पाई गईं।
• आरोपी एटीएम से निकासी करने के लिए अक्सर अन्य राज्यों का उपयोग करते थे ताकि उनकी पहचान न हो सके।
गिरफ्तार किए गए सभी 15 आरोपी
(सूची आपके मूल विवरण के अनुसार अखबार के लिए सुरक्षित रखी गई है) बरामद सामग्री 23 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 14 एटीएम कार्ड, APK फाइलें, बैंक डेटा, धोखाधड़ी से संबंधित रिकॉर्ड और दो कारें (I-20 तथा ग्रैंड विटारा), जिन्हें कागजात न मिलने पर एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह सहित थाना साइबर क्राइम की पूरी टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।



