*शासन की नई नीति के तहत समर्थ पोर्टल के माध्यम से डी0ए0 वी0 पी0 जी0 कॉलेज के चार शिक्षकों का हुआ हुआ ऑनलाइन प्रमोशन*
*महाराजा सुहेलदेव विश्विद्यालय आज़मगढ़ में प्रथम और प्रदेश के नवीन ऑनलाईन प्रमोशन के पहले लॉट प्रोन्नत होने की उपलब्धि*
आज़मगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्ष के प्रारंभ में घोषित आदेश के फलस्वरूप उच्च शिक्षा यानि प्रदेश के डिग्री कॉलेजों और विश्विद्यालय के शिक्षकों का प्रमोशन समर्थ पोर्टल के माध्यम से होने की घोषणा से शिक्षकों में उहापोह की आशंका बनी हुई थी।ऐसे माहौल में पूर्व के ऑफलाइन प्रमोशन से बिल्कुल अलग शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख और उपलब्धियों से सम्बंधित दस्तावेज समर्थ पोर्टल पर अपलोड किए जाने लगे,आशंकाओं और विरोध के बीच कई बार शासन द्वारा छूट देते हुए अभिलेखों को दर्ज़ करने की समय सीमा भी बढ़ाई गई।
इस बीच महाराजा सुहेलदेव विश्विद्यालय से सम्बद्ध नगर के प्रमुख महाविद्यालय डी0 ए0 वी0 के चार शिक्षकों डॉ0 प्रकाश चंद श्रीवास्तव, गणित विभाग,डॉ0 दिनेश कुमार तिवारी वाणिज्य विभाग,डॉ0 अरुण कुमार सिंह इतिहास विभाग ने प्रोफेसर पद एवं ले0 डॉ0 पंकज सिंह राजनीतिशास्त्र विभाग ने एसोसिएट प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति के लिए समर्थ पोर्टल की प्रक्रिया पर विश्वास जताते हुए आवेदन किया जिसकी ऑनलाइन बैठक अधिकृत गवर्नमेंट नॉमिनी की अध्यक्षता में गत 10 जुलाई को सम्पन्न होने के बाद निदेशक उच्च शिक्षा प्रयागराज के कार्यालय से विधिवत जाँच एवं नियमानुसार प्रक्रिया के उपरान्त गुरुवार 21 अगस्त को ऑनलाइन प्रमोशन के पत्र अपलोड कर दिया गया।
प्रो0 संजीव कुमार, मा0 कुलपति, महाराजा सुहेलदेव विश्विद्यालय ने चारों शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय छात्रहित के साथ ही शिक्षक हित के लिए भी संकल्पबद्ध है, समर्थ पोर्टल के नवीन माध्यम से सुहेलदेव विश्विद्यालय के प्रथम प्रमोशन प्रक्रिया की संपन्नता के लिए उत्तर प्रदेश शासन,उच्च शिक्षा निदेशालय और डी ए वी महाविद्यालय के साथ चारों शिक्षक बधाई के पात्र हैं, इससे यह सिद्ध होता है कि समर्थ पोर्टल से प्रवेश व अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं के साथ ही शिक्षकों का प्रमोशन सरलता और पारदर्शिता के मानदण्ड को आगे स्थापित करेगा।
शिक्षक नेता और गाँधी शताब्दी स्मारक पी जी कॉलेज, कोयलसा के मुख्य अनुशासनाधिकारी डॉ0 दिनेश कुमार सिंह ने प्रोन्नत हुये शिक्षक साथियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता की उपाधि से विभूषित होता है, सरलता से हुई उसकी प्रोन्नति उसका मनोबल मजबूत बनाती है और उसके नैतिक उद्देश्यों की प्रति उसकी ज़िम्मेदारी को और सुदृढ करती है, शासन की नई नीति के तहत त्रिवेणी स्मारक पी जी कॉलेज बरदह की सम्पन्न ऑनलाइन कैस प्रमोशन बैठक के पश्चात शिक्षकों का प्रमोशन पत्र इसी भाँति शीघ्र जारी होगा।उन्होंने कहा कि गत 12 अगस्त को यद्यपि उच्च शिक्षा निदेशक के लखनऊ मीटिंग में जाने की वजह से भेंट नहीं हो पाई थी,अन्य अधिकारियों से वार्ता पर यह ज्ञात हुआ कि शीघ्र ही प्रक्रिया पूर्ण कर पत्र निर्गत कर दिया जाएगा जो कि 21 अगस्त को जारी भी हो गया। शेष ऐसे सभी शिक्षकों जिनकी ऑनलाइन बैठक हो चुकी है उनके शीघ्र पत्र निर्गमन के लिए पुनः उच्च शिक्षा निदेशक से वार्ता कर पत्र जारी कराया जाएगा और जो साथी प्रक्रिया में हैं वह भी शीघ्र अपनी ऑनलाइन बैठक नियमानुसार सम्पन्न करा लें जिससे प्रयागराज निदेशालय से उनका कार्य सम्पन्न कराया जा सके।
अब तक जटिल समझी जा रही समर्थ पोर्टल के माध्यम से कैस प्रमोशन की प्रक्रिया से चार प्रथम प्रमोशन पत्र निर्गत होने से शिक्षक समाज में हर्ष व्याप्त है और जिनका प्रमोशन लंबित है वह अगली तैयारी में जुट गए हैं।



