Thursday, April 23, 2026
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*युवा वर्ग को ऐसा समर्थ बनाना, जहां वे निष्पक्ष और आशाजनक दुनिया में अपने मनचाहे परिवार की रचना कर सके*

*युवा वर्ग को ऐसा समर्थ बनाना, जहां वे निष्पक्ष और आशाजनक दुनिया में अपने मनचाहे परिवार की रचना कर सके*
आजमगढ़। ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौलिया के बैठक कक्ष में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. हरिचंद्र, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार, बीसीपीएम सुरेश पांडे, एआरओ विशाल यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजदेव चतुर्वेदी ने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है। बढ़ती जनसंख्या की चुनौतियां जैसे गरीबी, बेरोजगारी और पर्यावरणीय क्षरण पर जागरूकता बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस साल की थीम -*”युवाओं को सशक्त बनाना है, ताकि वे अपनी पसंद का परिवार चुन सकें।”* इस दिन को मनाने का उद्देश्य जनसंख्या मुद्दों और समाज पर उनके प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाने का है। बीसीपीएम सुरेश पांडे द्वारा बताया गया कि विश्व जनसंख्या दिवस विश्व की बढ़ती जनसंख्या को लेकर चिंतन हेतु मनाया जा रहा है। हम अक्सर देखते है कि घर में अगर बच्चे की शादी हो रही है और उसके बच्चे जल्दी नहीं हो रहा है तो हमारी उम्मीद लग जाती है कि कुछ दिन बाद उसके बच्चे हो जायेंगें। उसमें घर के खर्चे को नहीं देखते हैं। हमारे अंदर जागरूकता की कमी होती है, हमे जागरूक होना जरूरी है। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार द्वारा बताया गया कि 70 के दशक में परिवार नियोजनके साधन को न अपनाया गया होता तो आज प्रजनन दर और अधिक होती। हर विवाहित जोड़े को शादी के बाद खुद सोचना चाहिए कि हमें कितना बच्चा पैदा करना चाहिए। अपने देश में बहुत सारे तरीके है, हमें अपनी सोच को बदलने की जरूरत है। हमारे आस पास बहुत सारे संसाधन पड़े है, बस उसे अपनाने की जरूरत है। आज अगर कोई देश में भ्रमित है, तो वो युवा है । क्योंकि उन्हें अपने भविष्य की चिंता नहीं है, उन्हें बस घर बसाने की चिंता है। हमारे लिए युवावस्था की सबसे ज्यादा चुनौतियां है । हमें यह अपनाना चाहिए कि शादी के दो साल बाद बच्चा पैदा हो और एक से दो बच्चे के बीच में 3 साल का अंतराल हो। अधीक्षक डॉ. हरिश्चंद्र द्वारा बताया गया कि हर साल विश्व जनसंख्या दिवस को एक थीम के साथ मनाया जाता है। विश्व जनसंख्या दिवस 2025 की थीम युवा लोगों को एक निष्पक्ष और आशा पूर्ण दुनिया में अपनी मनचाही फैमिली बनाने के लिए सशक्त बनाना है। दुनिया की आबादी भले ही तेजी से बढ़ी हो, लेकिन परिवार तेजी से बिखर रहे हैं । ऐसे में इस साल की थीम को सेलिब्रेट करना युवाओं के लिए बेहद जरूरी है ।

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