*जन चौपाल के दौरान मरीजों से मिले ओमप्रकाश राजभर, सपा पर बोला हमला*,
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में जन चौपाल कार्यक्रम के तहत खिरीडीह, दादर और अहिरौला का दौरा किया। इस दौरान वे क्षेत्र के एक निजी अस्पताल आयुष्मान हॉस्पिटल, भी पहुँचे, जहाँ उन्होंने मरीजों का हालचाल जाना और अस्पताल संचालक डॉ. एस.आर. विश्वकर्मा को इलाज हेतु हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री राजभर ने कहा, “जब मरीज अस्पताल आएंगे, तभी तो इलाज मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि हर गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे। पंचायती राज विभाग महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत और ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”उन्होंने आगे कहा कि जल निकासी, आरसीसी व खड़ंजा निर्माण, सोख्ता निर्माण जैसी ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। “गरीबों को शौचालय, नाली, जल निकासी जैसी सुविधाएं देने के लिए बजट भी निर्धारित किया गया है।” सफाईकर्मी भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल-
सफाईकर्मियों की नियुक्ति को लेकर मंत्री ने कहा कि “1.57 लाख सफाईकर्मियों की भर्ती में कार्य आधारित चयन नहीं किया गया। जिसका जो काम है, यदि उसी को नियुक्त किया गया होता, तो आज यह समस्या नहीं खड़ी होती।” उन्होंने बताया कि इस मामले की निगरानी के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें पंचायत सहायक, सचिव, और एडीओ पंचायत शामिल हैं।
कोटे में कोटा पर उठाया सामाजिक न्याय का मुद्दा-
मंत्री राजभर ने कोटे में कोटा के मुद्दे पर कहा कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के अनुसार 7% पिछड़ा, 9% अति पिछड़ा और 11% सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की मांग उठाई गई थी। “हमने पिछली सरकार इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्होंने यह रिपोर्ट लागू नहीं की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर रोहिणी आयोग का गठन किया है, अब उसे लागू करने की तैयारी है। जैसे ही चुनाव नजदीक आएंगे, नेताओं को यह याद आने लगेगा।”
सपा व अखिलेश यादव पर किया तीखा प्रहार-
कांवड़ यात्रा और पूजा-पाठ को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर तंज कसते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “वे खुद अपने बयानों पर कायम नहीं रहते। आजमगढ़ में 6 ब्राह्मणों से पूजा करवाई, क्या पूरे प्रदेश में कोई यादव पूजा योग्य नहीं था?”
उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन पर भी निशाना साधते हुए कहा, “असल पीडीए तो एनडीए में है, वे नकली पीडीए हैं। जब वे सत्ता में थे, तब 86 अधिकारियों में से 56 यादव जाति के बनाए गए।”
2027 के चुनाव और सहयोग पर दी स्पष्टता-
2027 में एनडीए से अलग होने की अटकलों पर जवाब देते हुए मंत्री राजभर ने साफ कहा कि, “हम एनडीए के साथ हैं और भविष्य में भी रहेंगे। हम जनता की बीमारी पहचानते हैं और इलाज के लिए टेबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन लेकर घूम रहे हैं।”
अंत में आयुष्मान हॉस्पिटल के डॉ. एस.आर. विश्वकर्मा ने मंत्री राजभर का आभार प्रकट किया और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।



